Dard Shayari अभी तो चन्द लफ्जो मे शिकायत है

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अभी तो चन्द लफ्जो मे शिकायत है तुझे मैने,
अभी तो मेरी किताबों मे तेरी तफसिर बाकी है


कोई लफ्ज़ नही फिरभी कलम उठाई है…..

बस तुमको यही जताना था कि याद तुम्हारी आयी है……!!

❣❣


बहुत ज़ालिम हो तुम भी, मोहब्बत ऐसे करते हो;
जैसे घर के पिंजरे में परिंदा पाल रखा हो।


Dard Shayari in Hindi

जिसे देखो,
हवा में रहता है,

फिर ये जमीं पर इतनी भीड क्यूं है..


दुख के दस्तावेज़ हो
या सुख की वसीयत..

ध्यान से देखेगे तो
नीचे ख़ुद के ही दस्तख़त मिलेंगे ।।


अब तो तन्हाई में रहने का आदि हो चूका है दिल,

बदल गए है वो लोग जो सुबह शाम हाल पूछा करते थे…!!


एक दिन शिकायत तुम्हे “वक़्त” और “ज़माने” से नही “खुद” से होगी……..

..कि, ज़िंदगी सामने थी और तुम “दुनिया” मैं उलझे रहे….


दोनों की पहली चाहत थी , दोनों टूट के मिला करते थे … वो वादे लिखा करती थी , में कसमे लिखा करता था !!!


ना हीरों की तमन्ना है और ना परियों पे मरता हूँ.. वो एक “भोली” सी लडकी हे जिसे मैं मोहब्बत करता हूँ !!


काश… एक ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर,

वो आकर गले लगा ले, मेरी इजाजत के बगैर।


हिसाब-किताब हम से न पूछ
अब, ऐ-ज़िन्दगी….
💔
तूने सितम नही गिने,
तो हम ने भी ज़ख्म नही गिने….


Dard Shayari, Love Shayari in Hindi

 

तेरे जिक्र बिना कैसे जिन्दगी की कहानी लिखूँ…

तुझे इश्क लिखूँ वफा लिखूँ या फिर अपनी जिन्दगानी लिखूँ।।


जवाब तो हर बात का दिया जा सकता है मगर,

जो रिश्तों की अहमियत न समझ पाया वो शब्दों को क्या समझेंगे


जवाब तो हर बात का दिया जा सकता है मगर,

जो रिश्तों की अहमियत न समझ पाया वो शब्दों को क्या समझेंगे


छोड_दी हमने हमेशा के लिए उसकी आरजू करना,
जिसे मोहब्बत की कद्र ना हो उसे दुआओ मे क्या_मांगना ।।


मैं इस काबिल तो नही कि मुझे कोई अपना समझे… पर इतना तो यकीन है, कोई अफसोस जरूर करेगा मुझे खोदेने के बाद…


ये शराब़ भी भेदभाव करती है साहब,
गरीब को नाली में गिराती है,
और अमीर को बाथटब में…

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