Hindi-shayari ख्वाब शायद तब समझेंगे जज्बात हमारे ।

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अभी….

झूट मिलाने वालों पर नजर रखनी होगी।
तो पहले खबरों की खबर रखनी होगी।।

पता लगाना हैं की कितना दर्द सह पाउँगा
तो हाथो में दवा बेअसर रखनी होगी ।।

ख्वाब शायद तब समझेंगे जज्बात हमारे ।
आँखे जिस दिन असल में जख्मी होगीं।।

फकीर खरीद बेच रहे है इधर उधर इसको
तो सोचो यहां सच की किमत कितनी होगी।।

Hindi-shayari ख्वाब शायद तब समझेंगे जज्बात हमारे ।

Hindi Shayari
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Hindi-shayari- मोहब्बत है जिसकी बातों में

दिल-ओ-दिमाग पे नफरत का जो असर है मियां
बुरा ना मानो सियासत का ये हुनर है मियां

लगा के आग ये पानी भी डाल देती है
यही तो दाँव सियासत का कारगर है मियां

अदीब लोग जहां पर इकट्ठा होते हैं
हमारे शहर में ऐसा भी एक घर है मियां

हमारे लब पे मसर्रत के कहकहे तो नहीं
हमारे दिल से गमों का अभी गुजर है मियां

वफा खुलूस मोहब्बत है जिसकी बातों में
मेरी नजर में वही आदमी बशर है मियां

रहे हयात को आसां न जानिए नुसरत
कदम कदम पे ये कांटों भरी डगर है मियां

Hindi Shayari लगा लिया है गले से उसको।

सवाल हक़ का उठा रहा हूँ।
मैं कितनी हिम्मत जुटा रहा हूँ।।

मैं सबसे पहले भटक गया था।
सो, सब को रस्ता बता रहा हूँ।।

ये दिल का मसअला है सब्र रक्खो।
बता रहा हूँ, बता रहा हूँ।।

मुझे बनानी हैं उनकी आँखें।
तभी तो बातें बना रहा हूँ।।

लगा लिया है गले से उसको।
ज़रा , दस्तख़त मिला रहा हूँ।।

वो मुझको पागल समझ रहे हैं।
मैं सबको पागल बना रहा हूँ।। Hindi Shayari

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Hindi Shayari कभी -कभी तो ख्वाब इतने सच्चे लगे,

मेरे ख्वाब भी बड़े ही सयाने लगे,
जो पँहुच में था उसे ही पाने लगे…

जब भी मन बच्चों की सी जिद करे,
बड़े बुजुर्गों से ये मुझको समझाने लगे..

कभी -कभी तो ख्वाब इतने सच्चे लगे,
इन्हें हक़ीक़त समझ के हम इतराने लगे..

जब आँख खुली तो होश में आये हम,
पर ज़ेहन में बसे ख्वाब तो रुलाने लगे..

काश ऐसा हो…. हम जो चाहें हमे मिल जाये,
या जो मिला है हमे उसे ही दिल से चाहने लगें.. Hindi Shayari

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