इश्क अगर रूह से हो हिंदी शायरी

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हुस्न की मल्लिका हो
या साँवली सी सूरत…

इश्क अगर रूह से हो
तो हर चेहरा कमाल लगता है


 

“जब भी रू-बु-रू पाया तुझे सर को झुका दिया..!!

तुम्हे महबुब सा नहीं रब सा पाया मैंने….!!!!


 

तहजीब, सलीका, अदब,हया
ये तुम__जानो …

हम तो आशिक है बस, इश्क किया करते हैं ..


 

खूबसूरत चेहरे से “नकाब” क्या उतरा…,
जमाने भर की नीयत ” बेनकाब” हो गयी…!!


 

​हथेली में तो दिल नही होता..​.
​फ़िर क्यों हाथ में हाथ तेरा धड़कने बढ़ा गया मेरी..​.


​​तेरे प्यार में बदनाम दुर दुर हो गए,,,,,,,,,,​​

​​तेरे साथ हम भी सनम मशहूर हो गए…….!!​​


आँखों मे ख्वाब उतरने नही देता..वो शख्स मुझे चैन से जीने नही देता,,,​​

​​बिछड़े तो अजब प्यार जताता है खतों मे..मिल जाए तो फिर हद से गुजरने नही देता.


 

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